जनजीवन ब्यूरो / पटना । बिहार में कुछ महीने बाद होने वाले चुनाव से पहले छात्रों का यह प्रदर्शन बिहार सरकार की चिंता बढ़ाने वाली है. वहीं जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना में डोमिसाइल को लेकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि बिहार की डोमिसाइल नीति पूरी तरह से गलत है, क्योंकि बिहार के बच्चे दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी कर रहे हैं और दूसरे राज्यों से लोग यहां आकर नौकरी कर रहे हैं. यह बिहार सरकार की गलत नीति का नतीजा है. जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) ने एक बार फिर JDU और बीजेपी को घेरते हुए बड़ा दावा किया है. भोजपुर की जनसभा में PK ने कहा कि नवंबर के बाद JDU नाम की कोई पार्टी नहीं बचेगी और उसका दफ्तर भी भाजपा के कब्जे में होगा. उन्होंने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने की भविष्यवाणी की और कहा कि बिहार की लड़ाई अब सीधी तौर पर NDA बनाम जन सुराज की होगी.
छात्रों को मिला प्रशांत किशोर का साथ
प्रशांत किशोर ने कहा कि दूसरे राज्यों से लोग बिहार आकर नौकरी करें ताकि दूसरे राज्यों में उनका प्रचार होगा. प्रधानमंत्री बनने की इच्छा के लिए बिहार के बच्चों की नौकरियां दूसरे राज्यों के लोगों को दी जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने डोमिसाइल नीति पर दोहरा मापदंड अपनाने को लेकर मौजूदा उप- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला.
प्रशांत किशोर का तेजस्वी पर हमला
तेजस्वी यादव जिस शिक्षक नियुक्ति को महागठबंधन सरकार के दौरान किए जाने का दावा कर रहे हैं, उसमें भी दूसरे राज्यों के हजारों लोगों को बिहार में शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. आज जब वे विपक्ष में हैं तो डोमिसाइल नीति लागू करने की बात कर रहे हैं, जब महागठबंधन सत्ता में था तो डोमिसाइल नीति क्यों नहीं लागू की गई? इसी तरह मौजूदा उप-मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी जब विपक्ष में थे तो उन्होंने डोमिसाइल नीति का समर्थन किया था. आज जब वे सरकार में हैं तो इसे लागू करना भूल गए.
प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत लगातार गांव-गांव घूम रहे हैं और आम लोगों से संवाद कर रहे हैं. भोजपुर जिले के अगिआंव और चरपोखरी प्रखंड में आयोजित सभाओं में उन्होंने जनता से सीधा संवाद किया. उन्होंने राज्य की डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में सैकड़ों बच्चों के शरीर पर ढंग के कपड़े तक नहीं हैं और पैरों में चप्पल नहीं, बावजूद इसके नेता केवल सत्ता की चिंता कर रहे हैं, जनता की नहीं.
बिहार के नेता अपने बच्चों को राजा बनाना चाहते
PK ने अपने संबोधन में कहा कि लालू प्रसाद यादव अपने बेटे को राजा बनाना चाहते हैं, जबकि वह 9वीं पास भी नहीं है. लेकिन बिहार के लाखों युवा मैट्रिक, ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन करने के बावजूद बेरोजगार हैं. यही वजह है कि अब लोगों को अपने बच्चों की चिंता खुद करनी होगी. कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा.
नीतीश-मोदी की साझा तस्वीर पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने जदयू कार्यालय में पीएम मोदी और सीएम नीतीश की एक साथ लगी तस्वीरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दिखाता है कि JDU अब भाजपा के सामने पूरी तरह झुक चुकी है. उन्होंने कहा कि नवंबर के बाद JDU दफ्तर भी BJP का हो जाएगा. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और जदयू का नाम लेने वाला कोई नहीं बचेगा.
जनता अब बदलाव चाहती है
PK ने कहा कि अब बिहार की जनता न तो अफसरशाही वाली सरकार चाहती है और न ही पुराने समय का जंगलराज. लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की मांग कर रहे हैं और इसका हल सिर्फ ईमानदार राजनीति में है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जन सुराज NDA के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश करेगा.













