जनजीवन ब्यूरो / रायबरेली : दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने मीडिया पर बरसते हुए कहा कि कोर्ट के पिछले आदेश को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया. कोर्ट ने मुझे फरार घोषित नहीं किया था. फरार घोषित करने की प्रक्रिया काफी लंबी होती है. मैं भी अधिवक्ता हूं. मीडिया ने बिल्कुल गैर जिम्मेदराना तरीके से तोड़-मरोड़ कर आदेश को पेश किया. यह गलत है.
सोमनाथ भारती गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए. पूर्व मंत्री कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे. 8 नवंबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया था.
पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने कहा कि मुझे आज कोर्ट में पेश होने का आदेश मिला था. इसकी वजह से मैं कोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने मुझे आगे की सुनवाई में वर्चुअली पेश होने की छूट दी है. जब भी कोर्ट मुझे आदेश देगी मैं फिजिकल पेश हो जाऊंगा.
उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की अवमानना भी है. मीडिया से गुजारिश है कि कभी भी कोर्ट के आदेशों का मजाक न बनाएं. अपने लीगल एडवाइजर से सलाह लें. मुझ पर स्याही फेंकने वाले को 51000 दिया गया था तो क्या मुझे गोली मारने पर 2 लाख रुपये दिए जाएंगे?. पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की. मैं चाहता हूं कि योगी सरकार कार्रवाई करे.
साल 2021 का है मामला, जानिए क्या हुआ था? : सोमनाथ भारती साल 2021 के जनवरी महीने में यूपी के दौरे पर थे. इस दौरान अमेठी में उन्होंने कहा था कि यूपी के स्कूलों-अस्पतालों की हालत खराब है. अस्पतालों में कुत्तों के भी बच्चे पैदा हो रहे हैं. इस बयान के बाद एक शख्स ने उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया था.
इसके अगले दिन सोमनाथ भारती रायबरेली में सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में रुके थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. वहीं उनके बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. पुलिस सोमनाथ को कोर्ट लेकर जा रही थी. इस दौरान उनके चेहरे और कपड़े पर स्याही फेंक दी गई थी.
स्याही फेंकने वाले को मिला था इनाम : उस वक्त के एक भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधि ने स्याही फेंकने वाले को 51000 रुपये का इनाम दिया था. इसी दौरान सोमनाथ भारती पर तत्कालीन कोतवाल से अभद्रता करने के भी आरोप लगे थे. इस मामले में भी उनके खिलाफ मुकदमा लिखा गया था. केस में उन्हें जमानत मिल गई थी.
यह मामला रायबरेली के एमपी-एमएलए कोर्ट में है. कोर्ट के कई बार समन जारी करने के बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हुए. इसके बाद 8 नवंबर को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया था. गुरुवार के बाद अब इस मामले की सुनवाई 23 नवंबर को होगी.













