जनजीवन ब्यूरो/ लखनऊ। Bihar Assembly Result: बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करके सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अपने पास सत्ता बरकरार रखने के सवाल पर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में जो खेल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने किया है वह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और अन्य जगह पर अब नहीं हो पायेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) दल नहीं, बल्कि छल है। यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार में जो खेल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने किया है वह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उप्र और बाकी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साजिश का अब भंडाफोड़ हो चुका है।”
बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे।CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।…
उन्होंने कहा, ‘‘हम अब आगे यह खेल इनको नहीं खेलने देंगे। सीसीटीवी की तरह हमारा ‘पीपीटीवी’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर BJP के मंसूबों को नाकाम करेगा।” बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना के रुझानों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) निर्णायक बढ़त हासिल करने की ओर अग्रसर है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के रुझानों के लिए विशेष गहन समीक्षा (SIR) को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने SIR को एक “चुनावी साज़िश” करार देते हुए कहा कि बिहार के बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश या किसी भी अन्य राज्य में यह संभव नहीं होगा। यादव ने ‘X’ पर लिखा कि बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, शुरुआती रुझान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की मजबूत और प्रभावशाली बढ़त का संकेत दे रहे हैं, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे निर्णायक चुनावी जीत में से एक हो सकती है। रुझान बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशव्यापी लोकप्रियता के समर्थन से, जेडी(यू)-बीजेपी की नई साझेदारी सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 243 सीटों वाली विधानसभा में व्यापक जनादेश की ओर ले जा रही है।













