जनजीवन ब्यूरो / मुंबई : पिछले सप्ताह की तरह सोमवार को भी खुलने के साथ शेयर बाजार औंधे मुंह गिरा। बेहद कमजोर रुझान के मद्देनजर सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को कारोबार के दौरान करीब तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। बीएसई सेंसेक्स 1,972.77 अंक या 2.64 प्रतिशत टूटकर 72,560.19 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 636.35 अंक या 2.75 प्रतिशत फिसलकर 22,478.15 अंक पर आ गया।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी पोर्ट्स के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। हालांकि एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड के शेयर में तेजी दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भारी गिरावट में रहे। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी करीब छह प्रतिशत टूटा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 113.6 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 5,518.39 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,706.23 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय शेयर बाजार से 88,180 करोड़ रुपये (करीब 9.6 अरब अमेरिकी डॉलर) निकाले हैं।
रुपया 41 पैसे टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 93.94 प्रति डॉलर पर
रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 41 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 93.94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर के मजबूत रुख से घरेलू मुद्रा दबाव में है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और सुबह के सत्र में घरेलू शेयर बाजारों में आई भारी गिरावट ने स्थानीय मुद्रा को और कमजोर कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 93.84 पर खुला। हालांकि बाद में यह लुढ़कता हुआ 93.94 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 41 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 93 के स्तर से नीचे चला गया था और अंततः 64 पैसे टूटकर 93.53 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.66 पर रहा।













