जनजीवन ब्यूरो / नई दिल्ली : लंबे समय बाद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की बैठक हुई। इस बैठक में 25 पार्टियां शामिल हुईं और सभी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। INDIA गठबंधन की पहली बैठक के बाद और पश्चिम बंगाल चुनाव में नेस्तनाबूत होने वाली ममता बनर्जी भी इस बैठक में शामिल हुई। मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का एलान किया। विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, विदेश नीति और वोटर अधिकार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी।
प्रेस कांफ्रेंस में ममता दीदी मुंह लटकाए और मुर्झाया हुआ चेहरा था। सबों की नजर ममता पर ही टिकी हुई थी। ममता से सवाल ना पूछे जाए इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सिर्फ अपनी बात रखकर चल दिए। खरगे ने कहा कि विपक्षी दल अब और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे और जनता के मुद्दों को लगातार उठाएंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत हुआ है और आने वाले समय में सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की तैयारी की जाएगी। खरगे ने साफ कहा कि हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।
खरगे ने ये पांच बड़े एलान किये-
- महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति के मुद्दे को देशभर में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
- नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।
- विपक्षी गठबंधन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया और मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाएगा।
- इंडिया ब्लॉक की बैठक अब हर दो महीने में होगी। अगली बैठक आठ अगस्त को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
- संसद के मॉनसून सत्र में सभी विपक्षी दल मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति के तहत मुद्दे उठाएंगे।
CJI को सौंपा जाएगा पत्र
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, ‘SIR, वोट की लूट और चुनाव में धांधली के बारे में भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा।’
शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे बताया, ‘शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग पर सर्वसम्मति से सहमति बनी, क्योंकि उनकी देखरेख में NEET और CBSE परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों युवाओं के साथ धोखा हुआ।’
खरगे ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों को बर्बाद कर रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर इंडिया ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन मॉनसून सत्र में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा और छात्रों के साथ न्याय की मांग करेगा।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरने की तैयारी
खड़गे ने आगे कहा, ‘केंद्र सरकार को मौजूदा नाजुक आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दों और लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।’
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही। विपक्ष का कहना है कि बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी ने युवाओं और मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। INDIA ब्लॉक ने तय किया है कि आने वाले महीनों में इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। विपक्षी दलों का मानना है कि यही मुद्दे आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
विदेश नीति और वोटर अधिकारों पर भी उठे सवाल
बैठक में खरगे ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक विदेश नीति कमजोर हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति प्रभावित हुई है। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों लोगों को मतदान अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होना जरूरी है। गठबंधन ने इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला भी किया है।
विपक्ष अब हर दो महीने में करेगा बड़ी बैठक?
खरगे ने घोषणा की कि INDIA ब्लॉक की अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन अब हर दो महीने में बैठक करेगा ताकि सभी दलों के बीच तालमेल मजबूत रहे। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि लोकसभा में 17 अप्रैल 2026 को संविधान संशोधन विधेयक को हराकर विपक्ष ने अपनी एकजुटता साबित की थी। अब उसी एकता को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि संसद के भीतर और बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाई जाएगी।
2029 की लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इंडिया ब्लॉक अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर चुका है। विपक्षी दल लगातार साझा मुद्दों और संयुक्त अभियानों पर जोर दे रहे हैं। खरगे ने कहा कि जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। बैठक के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई अब और आक्रामक तरीके से लड़ी जाएगी।
इंडिया बलॉक की बैठक में शामिल हुए कौन-कौन से दल?
इंडिया ब्लॉक की सोमवार को हुई बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला समेत कई बड़े चेहरे नजर आए।













