जनजीवन ब्यूरो / नई दिल्ली : राज्यसभा चुनाव के परिणाम सामने आने लगे हैं। गुजरात की चार राज्यसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से निर्विरोध घोषित किया गया है। इसलिए अब 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव गुजरात में नहीं होंगे। निर्वाचन आयोग ने भाजपा के राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को निर्विरोध घोषित किया है।
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर भाजपा के सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्विरोध निर्वाचित कर लिया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त नवीन जैन ने तीनों प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किए।
उधर मध्य प्रदेश में नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद और केवल तीन पदों के लिए तीन ही नामांकन शेष रहने के चलते सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा है। दूसरी तरफ कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के निर्वाचन रद्द हो जाने के बाद आज यानि गुरुवार को तीन बजे तक का समय काफी खास है. नाम वापसी की डेडलाइन 3 बजे तक ही है. इस बीच कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गई, लेकिन फिलहाल कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में सुनवाई अब शुक्रवार को होगी. हालांकि कांग्रेस की ओर पैरवी कर रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने नामांकन वापसी की डेडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि दोपहर 3 बजे तक का ही समय है, लिहाजा सुनवाई अभी जरूरी है. उधर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी महासचिव और प्रदेश अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में शुरू हो चुकी है.
मीनाक्षी के नामांकन रद्द मामले में अब कल होगी सुनवाई
48 घंटे के भीतर कांग्रेस चुनाव आयोग से लेकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई. कांग्रेस ने डिजिटल याचिका दायर की, लेकिन अब भी मीनाक्षी नटराजन के निलंबन के मामले में कोई राहत की तस्वीर कांग्रेस के लिए दिखाई नहीं दे रही है. चुनाव आयोग की ओर से फिलहाल इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है. उधर नामांकन वापसी की तारीख नजदीक आते देख कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची और याचिका लगाई, लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई है.
कोर्ट ने कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनुसिंघवी और चुनाव आयोग की पैरवी सुनने के बाद ये निर्णय लिया. कोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि “सुनवाई कल हो जाए, लेकिन रिजल्ट अभी घोषित ना किया जाए.” उधर चुनाव आयोग ने याचिका की कॉपी नहीं मिलने की बात कहते हुए ये कहा कि इसके अध्ययन के लिए समय की जरुरत होगी.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में मीडिया से बातचीत में कहा कि “चुनाव आयोग ने जब हरियाणा, गुजरात में दखल दिया, तो मध्य प्रेदश में क्यों नहीं. झारखंड में बीजेपी का कैंडिडेट था, तो उसे वैलिड किया तो आखिर मीनाक्षी नटराजन के मामले में फैसला क्यों नहीं लिया गया. क्या चुनाव आयोग को विशेष अधिकार नहीं है. चुनाव आयोग चाहता था तो बुधवार को ही इस बारे में निर्णय दे सकता था.
इससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के रबर स्टैंम्प के रुप में काम कर रहा है. कानून के खिलाफ संविधान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ काम कर रहा है. रिटर्निंग ऑफिसर ने कानून की धज्जियां उड़ाई. सुप्रीम कोर्ट ने हमें शुक्रवार का समय दिया है, हमें उम्मीद है न्याय होगा, लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों. कई मामलों मे देर रात तक कोर्ट चली है.”













