नई दिल्ली । Delhi Medical Association (DMA) की 112 साल की यात्रा में सबसे बड़ी उपलब्धि केवल उसका 112 वर्ष पुराना होना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों में लगातार योगदान देना है। खास तौर पर Pulse Polio अभियान को DMA की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में गिना जाता है। आज डीएमए का नेतृत्व डॉ.निलम लेखी कर रही हैं जबकि 64 साल पहले एक महिला ने नेतृत्व किया था। डीएमए को डॉ.विनय अग्रवाल जैसा नेतृत्व मिला जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई उल्लेखनीय काम किया।
112 साल पूरे होने पर डॉ.विनय कहते हैं डॉक्टरों की रक्षा करने और आम जनता की सेहत की रक्षा करने में सफल रहा है। डीएमए एक संस्था ही नही जनमानस की देखभाल करने में सफल रहा है।
वर्तमान डीएमए अध्यक्ष डॉ.लेखी कहती हैं कि समाज को सेहतमंद बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका डीएमए ने निभाई है।
सबसे बड़ी उपलब्धि: Pulse Polio अभियान में योगदान
1994 में दिल्ली में देश के पहले बड़े Pulse Polio अभियान की शुरुआत हुई। तत्कालीन दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 2 अक्टूबर 1994 को इस अभियान का आयोजन किया और DMA के सदस्यों ने इसमें पूरा सहयोग दिया। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस अभियान में DMA की भागीदारी से बड़े पैमाने पर सामाजिक mobilization संभव हुआ।
इसकी खासियत यह थी कि यह केवल डॉक्टरों का कार्यक्रम नहीं रहा। डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुँचाने का प्रयास किया गया। सरकारी विवरण में इसे अभूतपूर्व स्तर और पहुँच वाला social mobilisation बताया गया है।
इसके अलावा DMA की बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
DMA की शुरुआत 1914 में डॉ. M.A. Ansari, डॉ. Rai Sahib Attar Chand, डॉ. S.P. Shroff और अन्य चिकित्सकों ने की थी। इसकी पहली बैठक 20 अगस्त 1914 को फतेहपुरी मस्जिद में डॉ. अंसारी के कंस्लटिंग कमरे में हुई थी। उस समय 28 चिकित्सकों में से 23 बैठक में शामिल हुए थे। DMA बाद में 1937 में IMA की Delhi State Branch बनी, जबकि IMA का गठन 1928 में हुआ था।
स्वतंत्रता आंदोलन और राहत कार्यों में भूमिका
DMA से जुड़े डॉक्टरों ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में भी सामाजिक और चिकित्सकीय सेवा की। 1920–30 के दशक में प्राकृतिक आपदाओं और महामारियों से प्रभावित क्षेत्रों में medical relief देने में संगठन ने सहयोग किया। 1971 में पूर्वी पाकिस्तान से आए लाखों शरणार्थियों के राहत कार्यों में भी DMA ने भारत सरकार की सहायता की।
DMA ने बड़े स्तर पर vaccination, health check-up camps, measles तथा Pulse Polio programmes, blood donation camps और anti-quackery अभियान चलाए हैं। बाद के वर्षों में COVID-19 vaccination में भी इसकी भूमिका रही।
छोटे से 1914 के संगठन से बढ़कर DMA ने हजारों चिकित्सकों को एक मंच पर जोड़ा। DMA की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 2020 में इसकी सदस्यता 15,000 से अधिक थी और इसकी गतिविधियाँ दिल्ली की 13 branches के माध्यम से संचालित होती हैं।
112 वर्षों में DMA की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने डॉक्टरों के संगठन से आगे बढ़कर दिल्ली और देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों—विशेषकर Pulse Polio, vaccination, health camps, blood donation और आपदा/महामारी राहत—में चिकित्सकों की सामूहिक शक्ति को जनसेवा में लगाया।”
COVID-19 के दौरान योगदान: COVID vaccination और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2020 में इसके सदस्यों की संख्या 15,000 से अधिक बताई गई थी।
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