• hi हिन्दी
  • en English
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • क्षेत्रीय
    • दिल्ली
    • बिहार
    • झारखंड
    • हरियाणा
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • साक्षात्कार
  • विचार
  • शिक्षा
  • सेहत
    • अस्पताल
    • चिकित्सक
  • Contact Us
  • About
Tuesday, October 13, 2026
Jan Jivan
No Result
View All Result
  • Login
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • क्षेत्रीय
    • दिल्ली
    • बिहार
    • झारखंड
    • हरियाणा
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • साक्षात्कार
  • विचार
  • शिक्षा
  • सेहत
    • अस्पताल
    • चिकित्सक
  • Contact Us
  • About
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • क्षेत्रीय
    • दिल्ली
    • बिहार
    • झारखंड
    • हरियाणा
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • साक्षात्कार
  • विचार
  • शिक्षा
  • सेहत
    • अस्पताल
    • चिकित्सक
  • Contact Us
  • About
No Result
View All Result
Morning News
No Result
View All Result

ब्रिक्स के अनसुलझे सवाल

amlendu bhusan by amlendu bhusan
Sep 14, 2026
in All Categories, HomeSlider
0
BRICS 2026 : पीएम मोदी ने कहा ‘भू-राजनीतिक तनाव का आम लोगों पर बुरा असर, चुनौतियों से मिलकर निपटें ब्रिक्स देश’
0
SHARES
111
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अमलेंदु भूषण खां

भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, क्योंकि पश्चिम एशिया में अमेरिका के नेतृत्व वाले युद्ध में एक-दूसरे के विरोधी रहे ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने मतभेदों को दरकिनार किया, जिससे यह समूह सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपना सका। “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” थीम के तहत आयोजित इस सम्मेलन ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि घोर वैचारिक मतभेदों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच भी आम सहमति का रास्ता निकाला जा सकता है। भारत ने चौथी बार इस सम्मेलन की मेजबानी की। सम्मेलन की सबसे बड़ी सफलता ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ को बिना किसी आपत्ति के सर्वसम्मति से मंजूरी मिलना रही। घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई। महाशक्तियों (विशेषकर अमेरिका व पश्चिमी देशों) द्वारा लगाए जाने वाले एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और व्यापार बाधाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

READ ALSO

SIR ने बंद कराया जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट मार्च,  मुफ्त में नहीं मिलता रामलीला मैदान,  प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख

लक्ष्मी जी के  8 स्वरूप — अष्टलक्ष्मी

घोषणापत्र के अंतिम पाठ को तटस्थ भाषा में तैयार किया गया, जिसमें ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों या ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए हमलों और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का उल्लेख नहीं किया गया। इस प्रकार, वक्तव्य ने कूटनीतिक रूप से गंभीर संकट को चतुराई से संभाला। इसके बजाय, इसमें अपेक्षाकृत सौम्य शब्दों में ‘अधिकतम संयम बरतने और ऐसी कार्रवाई से बचने की आवश्यकता’ की बात कही गई जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

ब्रिक्स की शुरुआत साल 2006 में एक अनौपचारिक समूह के रूप में हुई थी और इसका पहला औपचारिक सम्मेलन 2009 में आयोजित किया गया था। साल 2026 ब्रिक्स की स्थापना का 20वां साल है, जो इसके सफर का एक बड़ा पड़ाव है। भारत इस समूह का संस्थापक सदस्य रहा है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी इसकी अध्यक्षता कर चुका है। 1 जनवरी 2026 को भारत ने चौथी बार यह जिम्मेदारी संभाली। इस साल भारत की अध्यक्षता में देश के 25 से ज्यादा शहरों में करीब 350 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। सम्मेलन की शुरुआत से ठीक पहले 9 और 10 सितंबर को मुंबई में ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों की अंतिम बैठक भी रखी गई।

ब्रिक्स दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाने वाला बेहद मजबूत मंच है। जनवरी 2024 में हुए नए विस्तार के बाद अब इसमें भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो यह समूह दुनिया की लगभग 49% आबादी और वैश्विक जीडीपी के 39% हिस्से को कवर करता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी इसकी 23% हिस्सेदारी है।

वर्ष 2023 में भारत द्वारा आयोजित जी20 सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अनुपस्थिति के विपरीत, इस सम्मेलन में उनकी उपस्थिति को दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोगात्मक कूटनीति में एक बड़ी छलांग के रूप में देखा जाना चाहिए। यद्यपि भारत और चीन के बीच सीमा पर ‘बर्फ पिघलने’ के संकेत मिले हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रातों-रात खत्म नहीं होने वाली। अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के कोर कमांडरों के बीच महत्त्वपूर्ण फ्लैग मीटिंग के तुरंत बाद आयोजित इस सम्मेलन में दोनों नेताओं द्वारा अपनाई गई स्पष्ट रूप से सुलहपूर्ण भाषा ने संबंधों में नए सिरे से बदलाव की उम्मीदें मजबूत कीं। शी ने कई मतभेदों के बावजूद ‘एक-दूसरे की शक्तियों के पूरक’ होने की बात कही। मोदी ने सीमा संबंधी मुद्दों पर दोनों पक्षों द्वारा ‘मौजूदा समझौतों और समझ’ का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। अरुणाचल से लद्दाख तक 3788 किमी लंबी सीमारेखा को लेकर भारत और चीन के बीच जमे बर्फ को पिघलाने में भले ही लगभग सात साल लग गए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई वार्ता ने खाई को भरने की कोशिश की। ‘बर्फ पिघलने’ के रणनीतिक मायने शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता इस आयोजन का सबसे चर्चित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्सा रही। 2020 के गलवान गतिरोध के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली लंबी और औपचारिक वार्ता थी। इस बैठक का मुख्य परिणाम वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त अधिकारों को बहाल करने और कोर कमांडर स्तर की वार्ता को तेज करने पर बनी सहमति रही। भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि सीमा पर शांति के बिना आर्थिक रिश्तों को पूरी तरह सामान्य नहीं किया जा सकता।

इस वार्ता ने पश्चिमी देशों को यह संदेश दिया है कि भारत और चीन अपने मतभेदों को द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाने में सक्षम हैं, जिससे वाशिंगटन और बीजिंग के बीच जारी शीत युद्ध में नई दिल्ली किसी का मोहरा नहीं बनेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेताओं को संबोधित करते हुए उभरती अर्थव्यवस्थाओं के इस समूह के ‘परिपक्व होने’ पर जोर देने की पश्चिम-विरोधी किसी भी संकेत से बचने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। किर्गिस्तान के बिश्केक में शांघाई सहयोग संगठन की बैठक के कुछ ही हफ्तों बाद आया यह संदेश भारत समेत उन अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्त्वपूर्ण था, जो अमेरिका या यूरोप के साथ जटिल व्यापार या द्विपक्षीय वार्ताओं के दौर से गुजर रही हैं। सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार में व्यापक भिन्नता के साथ-साथ उनकी राजनीतिक प्रणालियों और भू-राजनीतिक लक्ष्यों की प्रकृति भी है। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के 11 पूर्ण सदस्यों और 10 भागीदार देशों के साथ वैश्विक दक्षिण का प्रतिनिधित्व करने के अलावा, समूह से कोई स्पष्ट लाभ नजर नहीं आता। डॉलर के विकल्प के रूप में एक वैकल्पिक मुद्रा विकसित करने के प्रयास भी विफल रहे हैं, जिसका कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकियां और चीन के नेतृत्व वाली वैकल्पिक भुगतान प्रणाली का बढ़ता प्रभाव है। कुल मिलाकर, ब्रिक्स एक उद्देश्य की खोज में लगा और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाने वाला समूह बना हुआ है। आर्थिक और वित्तीय सुधारों के मुख्य बिंदुसम्मेलन के अंत में जारी ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ ने वैश्विक आर्थिक ढांचे को बदलने के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार किया है। घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार के लिए अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया गया है। इसके तहत भारतीय रुपये, चीनी युआन और रूसी रूबल जैसी स्थानीय मुद्राओं में द्विपक्षीय सेटलमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक ‘क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट फ्रेमवर्क’ को मंजूरी दी गई है।डिजिटल वित्तीय समावेशन: भारत के ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (UPI) की सफलता को देखते हुए ब्रिक्स देशों के डिजिटल भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने पर सहमति बनी है। सहयोग का सबसे प्रमुख संस्थान, नैशनल डेवलपमेंट बैंक, आकार में छोटा है और पश्चिमी वित्तीय प्रणाली पर निर्भर है। विडंबना यह है कि 2022 में प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इसे संस्थापक सदस्य रूस को ऋण देना बंद करना पड़ा।

ब्रिक्स और इस तरह के मंच निश्चित रूप से ऐसी बैठकों के लिए सहायक होते हैं। अलबत्ता इस उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन से चीन की जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाइयों के पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदों को संतुलित रखना आवश्यक है। हालांकि दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने की बात कही, लेकिन इस द्विपक्षीय बैठक की असली परीक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि चीन और भारत व्यापार और निवेश में सार्थक सहयोग के लिए कितनी हद तक तैयार हैं।

पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया और वैश्विक भू-राजनीतिक असंतुलनब्रिक्स 2026 की सफलता और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के कड़े आर्थिक प्रस्तावों पर वाशिंगटन और ब्रुसेल्स (यूरोपीय संघ) की नजरें करीब से टिकी थीं। पश्चिम की प्रतिक्रिया में सुरक्षात्मक चिंता और कूटनीतिक सतर्कता का मिश्रण देखा गया। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने के ब्रिक्स के फैसले को अमेरिकी वित्तीय हलकों में ‘डॉलर की वैश्विक संप्रभुता’ के लिए एक दीर्घकालिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने यह माना कि भारत इस मंच का उपयोग ‘पश्चिम-विरोधी’ ब्लॉक बनाने के लिए नहीं, बल्कि एक ‘गैर-पश्चिमी’ वित्तीय विकल्प विकसित करने के लिए कर रहा है। यूरोपीय संघ ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधारों की मांग का आंशिक स्वागत किया है, लेकिन साथ ही चिंता जताई है कि ईरान और रूस जैसे देश इस मंच का उपयोग पश्चिमी प्रतिबंधों की धार को कुंद करने के लिए कर रहे हैं।

ADVERTISEMENT

भारत ने इस शिखर सम्मेलन के जरिए पश्चिमी देशों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह ‘क्वाड’ का हिस्सा होने के बावजूद अपनी रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता नहीं करेगा। भारत पश्चिम का साझेदार है, लेकिन उनका पिछलग्गू नहीं।

स्थानीय मुद्राओं में व्यापार की घोषणा करना आसान है, लेकिन चीन के विशाल व्यापार अधिशेष और रूबल की अस्थिरता के बीच इसे धरातल पर उतारना बेहद जटिल है। सदस्यों वाले इस विस्तारित ब्रिक्स में आम सहमति बनाना अब और मुश्किल होगा, जिससे इसके जी-7 की तरह एक सुगठित और त्वरित निर्णय लेने वाले संगठन बनने की राह में बाधा आ सकती है।अंतिम निष्कर्षब्रिक्स 2026 ने यह साबित कर दिया है कि 21वीं सदी की बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत एक अपरिहार्य धुरी बन चुका है।

चुनौतियां और भविष्य की राहसफलता के जश्न के बीच ब्रिक्स के आंतरिक विरोधाभासों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद, रूस-यूक्रेन युद्ध का साया और मध्य-पूर्व की अस्थिरता इस समूह की एकजुटता की लगातार परीक्षा लेती रहेगी। इसके अलावा, ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (NDB) जैसी संस्थाओं को पश्चिमी वित्तीय ढांचे के मुकाबले अधिक स्वतंत्र और प्रभावी बनाना अभी भी एक दूरगामी लक्ष्य है। यह कहा जा सकता है कि ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन ने यह साबित कर दिया है कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत किसी भी एक खेमे का पिछलग्गू बनने के बजाय एक स्वतंत्र, संतुलनकारी और मार्गदर्शक शक्ति की भूमिका निभा रहा है। ‘ह्यूमन-सेंट्रिक’ (मानव-केंद्रित) कूटनीति और तकनीकी हथियारों व महत्वपूर्ण खनिजों के राजनीतिकरण के खिलाफ भारत की चेतावनी यह दर्शाती है कि नई दिल्ली सिर्फ आर्थिक शक्ति नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार वैश्विक अगुआ बनने की दिशा में अग्रसर है।

#bricks#pm#narendramodi#china#xizinping#russia#putin#malycia#

Related Posts

राहुल गांधी का भाजपा पर वार, ’मर जाऊंगा, माफी नहीं मांगूंगा, मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं’
All Categories

SIR ने बंद कराया जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट मार्च,  मुफ्त में नहीं मिलता रामलीला मैदान,  प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख

Oct 12, 2026
जानिए शारदीय नवरात्र, कलश स्थापना मुहूर्त और पूजन विधि
All Categories

लक्ष्मी जी के  8 स्वरूप — अष्टलक्ष्मी

Oct 12, 2026
क्या कल राष्ट्पति से राहुल करेंगे मुलाकात, दिल्ली में कहीं प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा… CEC के खिलाफ तीसरे दिन राजघाट पहुंचा विपक्ष, राहुल-प्रियंका समेत सड़क पर कई नेता
All Categories

March for Democracy: SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, उमरी भीड़ से गदगद दिखे राहुल, राहुल गांधी से अखिलेश यादव तक ने दायर की याचिका

Oct 12, 2026
All Categories

CJP Press Conference: ‘मोदी 72 घंटे में आपातकाल से भी आगे निकल गए’, हिरासत से रिहा होने के बाद CJP का आरोप अशुतोष रांका बोले- प्रधानमंत्री हर कीमत पर ज्ञानेश कुमार को बचाएंगे; CJP ने चुनाव आयोग पर भाजपा को चुनाव जिताने में मदद करने का आरोप लगाया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Oct 11, 2026
Supreme Court tells Haryana state to protect forest land
All Categories

 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, सरकार को मेट्रो-रेल सेवाएं सामान्य करने को कहा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो-रेल सेवाएं सामान्य करने का निर्देश; बड़े पैमाने पर हिरासत से जुड़ी याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को सुनवाई

Oct 11, 2026
भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल के निचले स्तर पर क्यों पहुंची?
All Categories

फिक्की (FICCI)  सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बढ़गी भारत की विनिर्माण क्षेत्र की गति

Oct 11, 2026
Next Post
Why is Modi in a hurry to sack CBI chief, asks Rahul Gandhi

UPI पर अब देनी होगी फीस, राहुल ने कहा अमेरिकी कंपनियों के आगे घुटने टेके'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राहुल गांधी का भाजपा पर वार, ’मर जाऊंगा, माफी नहीं मांगूंगा, मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं’

SIR ने बंद कराया जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट मार्च,  मुफ्त में नहीं मिलता रामलीला मैदान,  प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख

Oct 12, 2026
जानिए शारदीय नवरात्र, कलश स्थापना मुहूर्त और पूजन विधि

लक्ष्मी जी के  8 स्वरूप — अष्टलक्ष्मी

Oct 12, 2026
क्या कल राष्ट्पति से राहुल करेंगे मुलाकात, दिल्ली में कहीं प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा… CEC के खिलाफ तीसरे दिन राजघाट पहुंचा विपक्ष, राहुल-प्रियंका समेत सड़क पर कई नेता

March for Democracy: SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, उमरी भीड़ से गदगद दिखे राहुल, राहुल गांधी से अखिलेश यादव तक ने दायर की याचिका

Oct 12, 2026

CJP Press Conference: ‘मोदी 72 घंटे में आपातकाल से भी आगे निकल गए’, हिरासत से रिहा होने के बाद CJP का आरोप अशुतोष रांका बोले- प्रधानमंत्री हर कीमत पर ज्ञानेश कुमार को बचाएंगे; CJP ने चुनाव आयोग पर भाजपा को चुनाव जिताने में मदद करने का आरोप लगाया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Oct 11, 2026
Supreme Court tells Haryana state to protect forest land

 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, सरकार को मेट्रो-रेल सेवाएं सामान्य करने को कहा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो-रेल सेवाएं सामान्य करने का निर्देश; बड़े पैमाने पर हिरासत से जुड़ी याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को सुनवाई

Oct 11, 2026
भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल के निचले स्तर पर क्यों पहुंची?

फिक्की (FICCI)  सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बढ़गी भारत की विनिर्माण क्षेत्र की गति

Oct 11, 2026
राहुल गांधी का भाजपा पर वार, ’मर जाऊंगा, माफी नहीं मांगूंगा, मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं’

SIR ने बंद कराया जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट मार्च,  मुफ्त में नहीं मिलता रामलीला मैदान,  प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख

Oct 12, 2026
जानिए शारदीय नवरात्र, कलश स्थापना मुहूर्त और पूजन विधि

लक्ष्मी जी के  8 स्वरूप — अष्टलक्ष्मी

Oct 12, 2026
क्या कल राष्ट्पति से राहुल करेंगे मुलाकात, दिल्ली में कहीं प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा… CEC के खिलाफ तीसरे दिन राजघाट पहुंचा विपक्ष, राहुल-प्रियंका समेत सड़क पर कई नेता

March for Democracy: SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, उमरी भीड़ से गदगद दिखे राहुल, राहुल गांधी से अखिलेश यादव तक ने दायर की याचिका

Oct 12, 2026

CJP Press Conference: ‘मोदी 72 घंटे में आपातकाल से भी आगे निकल गए’, हिरासत से रिहा होने के बाद CJP का आरोप अशुतोष रांका बोले- प्रधानमंत्री हर कीमत पर ज्ञानेश कुमार को बचाएंगे; CJP ने चुनाव आयोग पर भाजपा को चुनाव जिताने में मदद करने का आरोप लगाया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Oct 11, 2026
Supreme Court tells Haryana state to protect forest land

 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, सरकार को मेट्रो-रेल सेवाएं सामान्य करने को कहा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो-रेल सेवाएं सामान्य करने का निर्देश; बड़े पैमाने पर हिरासत से जुड़ी याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को सुनवाई

Oct 11, 2026
भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल के निचले स्तर पर क्यों पहुंची?

फिक्की (FICCI)  सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बढ़गी भारत की विनिर्माण क्षेत्र की गति

Oct 11, 2026
Facebook Twitter Youtube RSS

Categories

  • All Categories
  • Entertainment
  • Fashion
  • Food
  • HomeSlider
  • Lifestyle
  • News
  • Opinion
  • Science
  • World
  • अस्पताल
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • क्षेत्रीय
  • चिकित्सक
  • छत्तीसगढ़
  • झारखंड
  • दिल्ली
  • पंजाब
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • राजस्थान
  • राष्ट्रीय
  • विचार
  • विशेष
  • शिक्षा
  • साक्षात्कार
  • सेहत
  • हरियाणा

Recent Posts

  • SIR ने बंद कराया जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट मार्च,  मुफ्त में नहीं मिलता रामलीला मैदान,  प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख
  • लक्ष्मी जी के  8 स्वरूप — अष्टलक्ष्मी
  • March for Democracy: SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, उमरी भीड़ से गदगद दिखे राहुल, राहुल गांधी से अखिलेश यादव तक ने दायर की याचिका
  • CJP Press Conference: ‘मोदी 72 घंटे में आपातकाल से भी आगे निकल गए’, हिरासत से रिहा होने के बाद CJP का आरोप अशुतोष रांका बोले- प्रधानमंत्री हर कीमत पर ज्ञानेश कुमार को बचाएंगे; CJP ने चुनाव आयोग पर भाजपा को चुनाव जिताने में मदद करने का आरोप लगाया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

© 2015-2025 Jan Jivan | Hosted on AnyPursuit

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • क्षेत्रीय
    • दिल्ली
    • बिहार
    • झारखंड
    • हरियाणा
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • साक्षात्कार
  • विचार
  • शिक्षा
  • सेहत
    • अस्पताल
    • चिकित्सक
  • Contact Us
  • About

© 2015-2025 Jan Jivan | Hosted on AnyPursuit

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms bellow to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In